श्योपुर जिले में कमजोर पड़ चुके मानसून ने आखिरकार अपनी रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार देर रात से शुरू हुई हल्की बारिश बुधवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही, जिससे मौसम में ठंडक घुल गई और वातावरण सुहावना हो गया।

इस बारिश से लोगों को लंबे समय से परेशान कर रही उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जो 32 डिग्री सेल्सियस से घटकर 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह वर्षा किसानों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आई है, खासकर खरीफ की फसलों और धान की रोपाई के लिए इसे अत्यंत लाभकारी माना जा रहा है।

मौसम विभाग का अलर्ट और आगामी पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने पहले ही 21 और 22 जुलाई के लिए जिले में वर्षा की संभावना जताई थी। विभाग के अनुसार, 22 जुलाई के लिए श्योपुर जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले दो दिनों के दौरान जिले के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की उम्मीद है।

मानसून की वर्तमान स्थिति और किसानों की चिंताएं

इस साल जिले में मानसून की शुरुआत काफी धीमी रही है। 1 जून से 20 जुलाई तक की अवधि में केवल लगभग 180 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय तक 677 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। कम वर्षा के कारण धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही थी। ऐसे में मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह वर्षा होती रही, तो फसलों की स्थिति में तेजी से सुधार होगा।

भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिक पी.के. रायकवार के मुताबिक, जिले में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि 22 जुलाई को कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

ग्रामीण अंचलों में अच्छी वर्षा और क्षेत्र की खुशहाली के लिए धार्मिक आस्था भी देखने को मिली। कई गांवों में लोगों ने घासभेरू की सवारी निकाली और मंदिरों पर झंडे चढ़ाकर प्रार्थना की। मानसून की सक्रियता बढ़ने से अब किसानों के साथ-साथ आमजन को भी अच्छी बारिश की उम्मीद जगी है।