श्योपुर जिले के विजयपुर क्षेत्र से विधायक मुकेश मल्होत्रा ने शुक्रवार को कराहल तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत की है। आदिवासी अधिकार संघर्ष समिति के तत्वावधान में यह धरना 20 सूत्रीय मांगों के तत्काल समाधान की मांग को लेकर दिया जा रहा है।
विधायक मल्होत्रा ने बताया कि 2 जून को श्योपुर में आयोजित एक बड़े प्रदर्शन के दौरान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अनुसूचित जनजाति आयोग को ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आदिवासी, किसान और गरीब वर्ग में काफी नाराजगी है।
राजस्व मामलों के लंबित होने से किसान परेशान
धरने के दौरान विधायक ने आरोप लगाया कि जिले की विभिन्न तहसीलों में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और भूमि पर कब्जा दिलाने जैसे सैकड़ों मामले लंबे समय से लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि गरीब किसानों को उनकी जमीन का हक नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे परेशान हैं।
इसके अलावा, माता शबरी आश्रम मंदिर की भूमि के आवंटन और राजस्व रिकॉर्ड में इसे दर्ज कराने की प्रक्रिया भी अधूरी है। विधायक ने यह भी बताया कि पनवाड़ा, सेढ़पुर, पर्तवाड़ा, बदरैठा, लहरोनी, सिलपुरी और कराहल सहित कई ग्राम पंचायतों में कलेक्टर न्यायालय द्वारा फर्जी भू-अधिकार पट्टे निरस्त किए जाने के बावजूद सरकारी भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है।
मांगें पूरी न होने तक जारी रहेगा आंदोलन
विधायक ने मांग की है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे भूमिहीन गरीब परिवारों और ग्राम पंचायतों को सौंपा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।






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बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!