श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में इस बार पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों की आमद और चीतों का दीदार दोनों ही नए रिकॉर्ड कायम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आगामी 1 अक्टूबर से आरंभ होने वाले नए सीजन की शुरुआत में ही पहली बार खुले जंगल में 16 चीते पर्यटकों को नजर आएंगे, जो कि पिछले चार वर्षों में अपने आप में एक अनोखी स्थिति है।

पर्यटकों की संख्या में दोगुने उछाल का अनुमान

बीते पर्यटन सीजन के दौरान कूनो में कुल 9,117 पर्यटक पहुँचे थे। इस बार पार्क प्रबंधन द्वारा करीब 20 हजार पर्यटकों के आने की संभावना जताई जा रही है। पर्यटकों की इस खासी वृद्धि से स्थानीय स्तर पर होटल कारोबार, वाहन संचालन और गाइडों समेत तमाम व्यवसायों में अच्छी तेजी आने की पूरी उम्मीद है।

श्योपुर मुख्यालय पर खुलेगा नया बुकिंग काउंटर

सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वन एवं पार्क प्रबंधन ने प्रशासनिक तैयारियाँ अभी से पुख्ता कर ली हैं। अब तक पर्यटकों को ऑफलाइन टिकट के लिए केवल टिकटोली, अहेरा और पीपलवाड़ी यानी विजयपुर गेट पर ही निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन अब आगामी 1 अक्टूबर से श्योपुर जिला मुख्यालय स्थित कूनो कार्यालय में एक और नया चौथा बुकिंग काउंटर भी शुरू कर दिया जाएगा, जिससे सैलानियों को सफari बुकिंग वास्ते सीधे पार्क के मुख्य द्वारों तक नहीं भागना होगा।

बुनियादी ढांचे का विकास और मार्गों का चौड़ीकरण

पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में मशहूर टिकटोली गेट का कायाकल्प किया जा रहा है। यहाँ मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से एक आधुनिक फैसिलिटेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ पर्यटक विश्राम करने के साथ-साथ चीतों और क्षेत्रीय संस्कृति के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही, टिकटोली तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए सेसईपुरा रोड को 50 करोड़ रुपए की लागत से फोरलेन में तब्दील करने का प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है।

गौरतलब है कि वर्तमान समय में कूनो नेशनल पार्क के भीतर कुल 51 चीते मौजूद हैं। इन वन्यजीवों के दीदार को आने वाले पर्यटकों के बेहतर अनुभव और प्रबंधन के लिए इस बार सफारी गाड़ियों तथा प्रशिक्षित गाइडों की तादाद में भी बढ़ोतरी की जा रही है।