श्योपुर में नए शिक्षा सत्र के आरंभ के साथ ही कलेक्टर शीला दाहिमा ने गुरुवार को बायपास रोड स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग के बालिका छात्रावासों का आकस्मिक दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें छात्रावासों में कई गंभीर कमियां और अव्यवस्थाएं मिलीं, जिस पर उन्होंने गहरा असंतोष व्यक्त किया। कलेक्टर ने छात्रावास प्रबंधन को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए पंद्रह दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों और छात्रावास अधीक्षिका के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिला स्तरीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट छात्रावास के मुआयने में कलेक्टर को विशेष रूप से कई खामियां नजर आईं। उन्होंने तत्काल प्रभाव से बंद पड़े शौचालयों और स्नानागारों को चालू कराने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने छात्रावास परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, दैनिक स्वच्छता बनाए रखने और पुस्तकालय को सुचारु रूप से संचालित करने पर जोर दिया।

छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखते हुए, कलेक्टर ने अधीक्षिका मिथलेश मीणा को पंद्रह दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं सुधारने के लिए नोटिस जारी करने के आदेश दिए।

कलेक्टर दाहिमा ने सीनियर कन्या छात्रावास और पचास-पचास सीटों वाले अन्य छात्रावासों का भी जायजा लिया। छात्राओं की कम उपस्थिति पर इंचार्ज ने बताया कि ये छात्रावास हाल ही में शुरू हुए हैं, इसलिए अभी केवल दस से पंद्रह छात्राएं ही आई हैं, और शेष पंजीकृत छात्राएं भी शीघ्र ही उपस्थित होंगी। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनसे भोजन, शिक्षा तथा अन्य उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। छात्राओं ने गुलदस्ता भेंट कर कलेक्टर का स्वागत किया।

निर्माणाधीन भवन का अवलोकन

इसके पश्चात, कलेक्टर ने निर्माणाधीन पिछड़ा वर्ग छात्रावास भवन का भी अवलोकन किया और निर्माण कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के समय डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य, जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन और आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक संचालक कामिनी पाठक सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।