मुख्य बाजार में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

श्योपुर शहर के मुख्य बाजार चौपड़ पर गणेशजी मंदिर के निकट स्थित पुलिस विभाग की सरकारी संपत्ति को बुधवार को जिला प्रशासन ने बलपूर्वक खाली कराया। कलेक्टर शीला दाहिमा के स्पष्ट आदेश मिलने के बाद राजस्व विभाग, स्थानीय पुलिस और नगर पालिका परिषद की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और यह कार्रवाई पूरी की।

वर्ष 1918 का बना है यह पुराना भवन

राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक सर्वे नंबर 924 में बना यह भवन साल 1918 का है, जो अब 108 वर्ष पुराना हो चुका था। यह इमारत काफी समय से बेहद जर्जर स्थिति में थी और तकनीकी परीक्षण के बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार इस भवन को गिराए जाने की अनुमति वर्ष 2021 में ही जारी कर दी गई थी, इसके बावजूद यहां व्यावसायिक गतिविधि संचालित हो रही थी।

कब्जाधारी की अपील हुई खारिज

इस मामले में दुकान काबिज करने वाले रमेशचंद मित्तल ने प्रशासन के समक्ष याचिका लगाई थी। उन्होंने अपने निजी खर्च पर भवन की मरम्मत कराकर कारोबार जारी रखने की मांग की थी और तर्क दिया था कि उनका परिवार इसी दुकान के सहारे आजीविका चला रहा है तथा वे नियमित रूप से किराया दे रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद उनकी यह अपील अस्वीकार कर दी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल किराया चुकाते रहने से किसी को भी खतरनाक हो चुकी सरकारी संपत्ति पर वैध कब्जा बनाए रखने का कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता।

कलेक्टर द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जर्जर दुकान को सात दिनों के भीतर पूरी तरह खाली करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समयसीमा में जगह खाली न होने पर मध्य प्रदेश लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई गई।

कार्रवाई के दौरान तहसीलदार दीपेश धाकड़, एसडीओपी राजीव गुप्ता समेत राजस्व, पुलिस और नगर पालिका के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी भारी बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।