श्योपुर स्थित पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में मंगलवार को एसैप छात्र संघ के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे चले इस प्रदर्शन के दौरान कॉलेज परिसर में जमकर नारेबाजी हुई और विद्यार्थियों ने पढ़ाई से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं।

शिक्षकों की कमी और छात्रवृत्ति भुगतान मुख्य मांगें

प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज में भूगोल और संस्कृत विषयों के शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति किए जाने की मांग उठाई। इसके साथ ही लॉ विभाग में बने शिक्षकों के खाली पदों को भरने और लंबे समय से अटकी पड़ी छात्रवृत्ति का भुगतान जल्द करने की बात कही गई। छात्रों का कहना था कि कॉलेज प्रशासन को दो महीने पहले भी इन परेशानियों से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

परिसर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

ज्ञापन के माध्यम से विद्यार्थियों ने कक्षाओं और पुस्तकालय में खराब पड़े पंखों को दुरुस्त कराने की मांग रखी। इसके अलावा पार्किंग स्थल पर पेयजल और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने, नियमित रूप से सफाई करवाने, आईडी कार्ड की व्यवस्था सुधारने तथा एक छात्र सहायता केंद्र बनाने की मांग भी शामिल रही। छात्रों का कहना था कि सहायता केंद्र पर कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का तुरंत निवारण हो सके।

विकसित भारत संकल्प कार्यक्रम में बुलाने पर आपत्ति

छात्र संघ ने 7 अक्टूबर को मेला ग्राउंड में आयोजित विकसित भारत संकल्प कार्यक्रम में छात्रों को बुलाए जाने की कार्यप्रणाली पर भी कड़ा विरोध जताया। संगठन के मुताबिक, कॉलेज का तय समय सुबह 11 बजे का होने के बावजूद विद्यार्थियों को इतिहास विषय की सीसी के नाम पर सुबह 8:30 बजे ही बुला लिया गया। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय कर कॉलेज पहुंचे छात्रों ने इस बात पर रोष जताया कि उन्हें कार्यक्रम के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई थी।

दस दिन का समय, चेतावनी के साथ ज्ञापन

विरोध प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने कॉलेज प्राचार्य को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। एसैप छात्र संघ के जिला अध्यक्ष अभिषेक मीणा कलोनी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आगामी दस दिनों के भीतर सभी लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है, तो छात्र संघ मजबूरन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेगा।