बिजली कटौती और सिंचाई संकट से परेशान किसान
अंचल में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति और लगातार हो रही कटौती के कारण किसानों को खेतों की सिंचाई करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में धान और सरसों की बुवाई का दौर चल रहा है, जिसके लिए पानी और पर्याप्त बिजली की सख्त आवश्यकता है, लेकिन किसानों को समय पर संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।
ज्ञापन के जरिए उठाई गईं प्रमुख मांगें
इन गंभीर समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ की एक आवश्यक बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में बिजली, पर्याप्त खाद, नहरों में पानी छोड़े जाने और खेतों से सबमर्सिबल मोटरों व तारों की चोरी जैसी वारदातों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार और विद्युत विभाग के महाप्रबंधक को सौंपा।
संगठन के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए रोजाना निर्बाध रूप से 10 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नहरों में तुरंत पानी छोड़े जाने, पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और कृषि उपज मंडी में फैली अनियमितताओं को दूर करने की पुरजोर मांग की।
मोटर चोरी पर रोक और सहकारिता मुख्यालय की मांग
किसानों ने खेतों से सबमर्सिबल मोटर और बिजली के तार चोरी होने की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि इन चोरियों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि आए दिन होने वाली चोरियों से अन्नदाताओं को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। इसके अलावा श्योपुर में सहकारिता का नया जिला मुख्यालय बनाए जाने की मांग भी रखी गई।
भारतीय किसान संघ ने चेताया है कि यदि समय रहते सिंचाई के लिए पानी, बिजली और खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो किसानों की खेती की लागत और अधिक बढ़ जाएगी। इस अवसर पर मूलचंद मीणा, भारत सिंह जाट, अशोक आर्य, रामवतार मीणा, लक्ष्मण मीणा, गोविंद जाट, अजय शर्मा और रमेश मीणा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!