नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य प्रवीण पाठक ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दशकों में प्रदेश की छवि विकासशील राज्य की बजाय भ्रष्टाचार के केंद्र के रूप में बनी है और सरकार विभिन्न मामलों में जवाब देने से बच रही है।

प्रवीण पाठक ने कहा कि व्यापमं घोटाले के बाद प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें और मजबूत हुई हैं। उनके अनुसार, जिस प्रकार आज देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं, उसकी शुरुआत मध्य प्रदेश के व्यापमं प्रकरण से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले ने हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया और बाद में ऐसी घटनाएं देश के अन्य हिस्सों तक फैल गईं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने हाल में सामने आए धार्मिक चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद का उल्लेख करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उनका कहना था कि जो दल रामराज्य की बात करता है, उसे ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से भी इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए कथित जमीन खरीद संबंधी आरोपों का उल्लेख करते हुए प्रवीण पाठक ने कहा कि इन आरोपों पर अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार इस मामले में मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण और जवाबदेही की मांग कर रही है।

कांग्रेस नेता ने बताया कि मध्य प्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक में कथित जमीन आवंटन और भूमि खरीद से जुड़े मामलों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत विभिन्न संभागों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी और भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज जुटाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।

उन्होंने घोषणा की कि 15 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा, जबकि 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में कांग्रेस इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री के विभिन्न जिलों के दौरों के दौरान स्थानीय कांग्रेस इकाइयां भी उनसे इन मामलों पर जवाब मांगेंगी।

प्रवीण पाठक ने सरकार से कथित मामलों पर श्वेत पत्र जारी करने तथा सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग भी की।

नोट: इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप कांग्रेस नेता प्रवीण पाठक द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।