मुरैना जिले की सबलगढ़ जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक यंत्री रेखा राजपूत को हटाने की मांग तेज हो गई है। जनपद के सरपंचों और रोजगार सहायकों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को एक ज्ञापन सौंपा है।
कमीशनखोरी और लापरवाही के गंभीर आरोप
शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे, बड़ी संख्या में सरपंच और रोजगार सहायक जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर लोकेश जांगिड़ और जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि सहायक यंत्री रेखा राजपूत विकास कार्यों के मूल्यांकन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए 5 से 10 प्रतिशत तक कमीशन की मांग करती हैं। इसके अलावा, उन पर समय पर काम न करने और कार्यालय में देरी से आने का भी आरोप है, जिससे पंचायतों के कई महत्वपूर्ण कार्य रुके हुए हैं।
भाजपा संगठन ने भी खोला मोर्चा
सहायक यंत्री रेखा राजपूत के खिलाफ शिकायतें केवल सरपंचों और रोजगार सहायकों तक ही सीमित नहीं हैं। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय अध्यक्षों ने भी अलग से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उन्हें सबलगढ़ जनपद से हटाने की मांग की है।
पूर्व में भी हो चुका है तबादला, विवाद के बाद हुई थी वापसी
यह पहली बार नहीं है जब रेखा राजपूत को हटाने के लिए इस तरह का विरोध प्रदर्शन हो रहा है। लगभग चार-पांच साल पहले भी सबलगढ़ जनपद पंचायत के सरपंचों और रोजगार सहायकों ने उनके खिलाफ आंदोलन किया था, जिसके परिणामस्वरूप उनका तबादला कर दिया गया था। हालांकि, उनकी जगह आए दूसरे सहायक यंत्री का ग्राम पंचायत टोंगा के सरपंच से विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद रेखा राजपूत को दोबारा सबलगढ़ जनपद में पदस्थ कर दिया गया था, और तब से वे यहीं अपनी सेवाएं दे रही हैं।
सहायक यंत्री रेखा राजपूत ने अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि सबलगढ़ जनपद के अधिकांश कार्य सुचारु रूप से चल रहे हैं और कोई समस्या नहीं है। कमीशन मांगने के आरोपों पर उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि कुछ पंचायतों में कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं थी, जिसके कारण उनका मूल्यांकन नहीं किया गया। उन्होंने तर्क दिया कि नियमों के अनुसार काम रोकने से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
जब इस मामले में जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और इस विषय पर कुछ भी कहने से बचते रहे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!