मुरैना जिले में राज्य सरकार और जिला कलेक्टर द्वारा सरकारी शिक्षकों के निजी कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने तथा स्कूल अवधि के दौरान कोचिंग संचालित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, इन आदेशों का पालन पूरी तरह से होता नहीं दिख रहा है। बीते शुक्रवार को सुबह लगभग 10:40 बजे कई कोचिंग सेंटरों पर छात्र अध्ययन करते हुए पाए गए, जिससे नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है।

शिक्षा विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि स्कूल और कॉलेज की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां किसी भी सूरत में बाधित नहीं होनी चाहिए। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष समिति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों और प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

शासकीय शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जिला कलेक्टर ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि कोई भी सरकारी शिक्षक किसी भी निजी कोचिंग संस्थान में अध्यापन कार्य नहीं करेगा। यदि किसी शासकीय शिक्षक के कोचिंग पढ़ाने के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो शिक्षा विभाग उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। इसके अतिरिक्त, स्कूल संचालन के समय किसी भी कोचिंग सेंटर को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ब्लॉक स्तर पर संयुक्त निरीक्षण दल

कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर शिक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम कोचिंग संस्थानों की मान्यता, उनके भवन की स्थिति, उपलब्ध क्षेत्रफल, शिक्षकों की योग्यता और अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं का गहनता से निरीक्षण करेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कोचिंग संचालकों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

संकुल प्राचार्यों को भी दिए गए निर्देश

ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पी.एल. डंडोतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी संकुल प्राचार्यों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके अधिकार क्षेत्र में कोई भी शासकीय शिक्षक निजी कोचिंग पढ़ाते हुए या स्कूल के निर्धारित समय में कोई कोचिंग संस्थान संचालित होते हुए पाया जाता है, तो ऐसे मामलों में तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।