ग्वालियर-चंबल आंचल के मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाले अम्बाह क्षेत्र में किसानों को अब खाद के लिए लंबी कतारों में खड़े होने से मुक्ति मिलने की उम्मीद बंध गई है। खरीफ सीजन के इस दौर में फसलों की देखरेख और बुवाई के लिए यूरिया व अन्य उर्वरकों की मांग अचानक काफी तेजी से बढ़ गई थी, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करना शुरू कर दिया है।

अम्बाह तहसील में चार मशीनों से किया जा रहा वितरण

किसानों को सुगमता से खाद मिल सके, इसके लिए प्रशासन ने वितरण केंद्रों पर पीओएस (POS) मशीनों की संख्या में इजाफा किया है। वर्तमान में अम्बाह तहसील के विभिन्न केंद्रों पर कुल चार पीओएस मशीनों के जरिए खाद का वितरण किया जा रहा है। इन मशीनों में मार्कफेड की दो मशीनें, एक मार्केटिंग सोसायटी की और एक निजी विक्रेता की मशीन शामिल है, जिससे वितरण की गति तेज हुई है।

भीड़ नियंत्रित करने के लिए शुरू हुई टोकन व्यवस्था

वितरण केंद्रों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने अम्बाह थाना परिसर में टोकन बांटने की विशेष व्यवस्था की है। यहां हर रोज सुबह 8 बजे से 10 बजे तक किसानों को टोकन दिए जाते हैं। टोकन प्राप्त होने के बाद किसानों को उनके निश्चित क्रम के हिसाब से खाद दी जा रही है, जिससे केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल नहीं बन रहा है।

कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक अमला मुस्तैद

तहसीलदार नरेश शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के सख्त निर्देशों के बाद ही किसानों की सहूलियत के लिए अतिरिक्त पीओएस मशीनें लगाई गई हैं। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी लगातार सभी वितरण केंद्रों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अन्नदाताओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।