मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में बलदेव छठ का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्थानीय प्राचीन दाऊदयाल मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। दाऊदयाल सेवा समिति के तत्वावधान में निकाली गई इस यात्रा में भगवान दाऊदयाल महाराज का प्रतिरूप पालकी में विराजमान होकर पूरे नगर के भ्रमण पर निकला।

मुख्य बाजारों से गुजरी यात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत

यह शोभायात्रा सुबह 10 बजे प्राचीन दाऊदयाल मंदिर से आरंभ हुई। इसके पश्चात यात्रा कटरा बाजार, गंज, एमएस रोड और मंडी संतर नंबर 1, 2, 3, 4 से होते हुए पुराने बाजार मार्ग से होती हुई वापस मंदिर पहुंची। इस दौरान पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।

भ्रमण के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नगरवासियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भक्तों के लिए एक दर्जन से अधिक स्वागत स्टॉल लगाए गए थे, जहां प्रसादी और पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई थी।

विशेष श्रृंगार और मंदिर में उमड़ी भारी भीड़

उत्सव को देखते हुए मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया गया था। मंदिर के पुजारी बृजेश शर्मा द्वारा भगवान दाऊदयाल जी और माता रेवती का विशेष और नयनाभिराम श्रृंगार किया गया। शाम 5 बजे से ही दर्शन, पूजन और महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मंदिर पहुंचने लगे।

अदालत के समान है दाऊदयाल महाराज की मान्यता

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार सबलगढ़ के दाऊदयाल महाराज के दरबार की ख्याति किसी सर्वोच्च अदालत से कम नहीं है। क्षेत्र के कई पुराने और जटिल विवादित मामलों का समाधान दाऊदयाल के समक्ष कसम खाने से तय माना जाता है।

लोक मान्यताओं के अनुसार, यहां झूठी कसम खाने वालों को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ता है। इसी गहरी आस्था और लोकभय के कारण संपूर्ण सबलगढ़ अंचल में कोई भी व्यक्ति दाऊजी के दरबार में झूठी गवाही या कसम खाने का साहस नहीं कर पाता है।