मुरैना जिले के जौरा जनपद पंचायत क्षेत्र में इन दिनों कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। स्थानीय स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार के विरोध में जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है और जनपद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी है।
13 अक्टूबर से चल रहा है धरना-प्रदर्शन
जौरा जनपद पंचायत में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कुल 13 जनपद सदस्य 13 अक्टूबर से जनपद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। इस विरोध प्रदर्शन के तहत तीन सदस्य मुवीन खान, सोनू निगम और ओमप्रकाश सिकरवार क्रमिक रूप से आमरण अनशन कर रहे हैं।
चौथे दिन बिगड़ी ओमप्रकाश सिकरवार की तबीयत
इस आंदोलन के चौथे दिन वार्ड क्रमांक 19 की जनपद सदस्य नीतू सिकरवार के पति ओमप्रकाश सिकरवार की सेहत अचानक काफी खराब हो गई। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने से मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों और आंदोलनकारियों की चिंता बढ़ गई।
प्रशासन ने बुलाई मेडिकल टीम
हंगामे और तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार राकेश कुलश्रेष्ठ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत मेडिकल टीम को धरना स्थल पर बुलवाया और जांच करवाई।
मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने ओमप्रकाश सिकरवार की स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लिया। डॉक्टरों की सलाह और हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें रात के समय ही जौरा से जिला अस्पताल मुरैना रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
नायब तहसीलदार राकेश कुलश्रेष्ठ ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अनशनकारी की सेहत बिगड़ने के बाद डॉक्टर की देखरेख में उन्हें जिला मुख्यालय भेजा गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे इस अनशन में अब प्रदर्शनकारियों की मांगों के साथ-साथ आंदोलनकारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा बन गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!