तीन साल से वीरान पड़ी है अंबाह मंडी
मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाली अंबाह कृषि उपज मंडी पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह से वीरान पड़ी है। यहां न तो किसानों के ट्रैक्टर पहुंच रहे हैं और न ही अनाज की सरकारी स्तर पर कोई बोली या तुलाई हो पा रही है। इस व्यवस्था के बंद होने से अन्नदाताओं को अपनी फसल बेचने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिचौलियों के हाथों औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर किसान
मंडी में कामकाज ठप होने का खामियाजा सीधे तौर पर क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी मेहनत की कमाई बिचौलियों के हाथों मजबूरी में कम दामों पर बेचनी पड़ रही है। इसके अलावा कई किसानों को अपनी उपज लेकर लंबी दूरी तय करके दूसरी मंडियों का रुख करना पड़ रहा है।
कागजों में चल रहा है फर्जी कामकाज और गेट पास
किसानों ने प्रशासन के सामने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मंडी परिसर भले ही खाली रहता हो, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में फर्जी गेट पास और आवक रजिस्टर धड़ल्ले से भरे जा रहे हैं। अन्नदाताओं के मुताबिक, यह सब सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी और बड़े पैमाने पर चल रहे भ्रष्टाचार को साफ तौर पर उजागर करता है।
एसडीएम कार्यालय पहुंचकर की निष्पक्ष जांच की मांग
इस स्थिति से तंग आकर मंगलवार को किसानों ने बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि मंडी परिसर का औचक निरीक्षण किया जाए, पुराने रिकॉर्ड की सच्चाई परखी जाए और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं। किसानों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द मंडी में सुचारू रूप से नीलामी और तुलाई शुरू कराने की गुहार लगाई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!