मुरैना जिले के पोरसा स्थित थोक सब्जी मंडी में गुरुवार की सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब आढ़तियों और खेरिज सब्जी विक्रेताओं के बीच कमीशन की दरों को लेकर तनातनी शुरू हो गई। आढ़तियों ने मनमाने तरीके से कमीशन की दर को तीन फीसदी से बढ़ाकर पांच फीसदी कर दिया है।
सब्जी की खरीद-बिक्री रुकी, किसानों की बढ़ी चिंता
कमीशन बढ़ाए जाने के विरोध में स्थानीय सब्जी विक्रेताओं ने मंडी के भीतर ही सब्जियों की खरीद पूरी तरह से बंद कर दी और धरने पर बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन के कारण मंडी का पूरा कामकाज प्रभावित हो गया है, जिससे अपनी फसल बेचने के लिए दूर-दराज से पहुंचे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दोगुनी वसूली और अतिरिक्त शुल्कों का लगाया आरोप
प्रदर्शन कर रहे खेरिज सब्जी विक्रेताओं ने आरोप लगाया है कि आढ़ती किसानों के साथ-साथ उनसे भी पांच प्रतिशत की दर से कमीशन वसूल रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए दुकानदार बलवीर सिंह ने बताया कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार केवल किसानों से ही शुल्क लिया जाता था।
विक्रेताओं का यह भी कहना है कि बढ़ी हुई पांच फीसदी दर के अलावा आढ़तियों द्वारा टमाटर की बिक्री पर पंद्रह रुपए और आलू की बोरी पर बीस रुपए की अतिरिक्त वसूली भी की जा रही है, जिससे उनका कारोबार करना बेहद मुश्किल हो गया है।
पुरानी व्यवस्था बहाल करने की उठी मांग
मंडी परिसर में धरने पर बैठे दुकानदारों ने साफ शब्दों में पुरानी कमीशन प्रणाली को दोबारा लागू करने की मांग की है। उनका तर्क है कि मजदूरी और अन्य खर्चों के बाद सीमित आमदनी में इतना अधिक कमीशन चुकाना उनके बस से बाहर है।
सब्जी विक्रेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक बढ़ा हुआ कमीशन वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे मंडी से किसी प्रकार की खरीद नहीं करेंगे और अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखेंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!