एक दिन की बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर
मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में शनिवार से अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जहां पूरे अक्टूबर महीने में महज 20 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान जताया गया था, वहीं अकेले एक ही दिन में इससे कहीं अधिक पानी बरस गया।
खेतों में डूबी और गिरी फसलें
अचानक हुई इस तेज बरसात के कारण खेतों में पूरी तरह तैयार खड़ी धान की फसलें जमीन पर बिछ गईं। इसके अलावा कटाई के बाद खेतों में सूखने के लिए रखी गई बाजरे की फसल भी भारी मात्रा में पानी में डूब गई। लगातार पानी भरे रहने और तेज हवाओं के कारण फसलों में दाने काले पड़ने और सड़ने का अंदेशा गहरा गया है।
बुवाई पर पड़ेगा सीधा असर
क्षेत्र के किसान श्रीनिवास त्यागी ने बताया कि इस प्राकृतिक मार से बाजरा, धान और गोभी की फसलों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है। हाल ही में बोई गई सरसों की फसल पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। किसानों का मानना है कि खेतों में नमी अधिक होने के कारण अब आगामी रबी सीजन में गेहूं और सरसों की बुवाई लगभग एक से डेढ़ महीने तक लेट हो सकती है।
आगे भी बारिश का अनुमान
प्रशासन और कृषि जानकारों की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। वहीं मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के दौरान इलाके में और अधिक बारिश होने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!