मुरैना जिले के सबलगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चामुंडा वेयर हाउस के सामने शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां खेतों की बाड़ में प्रवाहित किए गए करंट की चपेट में आने से दो गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई।

रात के समय आवारा पशु बने करंट का शिकार

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात कुछ गोवंश घूमते हुए सड़क किनारे स्थित एक खेत के पास पहुंचे। खेत की बाड़ में खुला करंट दौड़ रहा था, जिसके संपर्क में आते ही दोनों गायें उसकी चपेट में आ गईं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की भनक लगते ही संबंधित खेत मालिक ने सतर्क होकर बाड़ से करंट के तार तुरंत हटा लिए। इस तरह खुलेआम सड़क के किनारे खेतों की बाड़ में बिजली का करंट छोड़ने से न केवल मवेशियों बल्कि वहां से गुजरने वाले आम नागरिकों की जान को भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

फसल बचाने के नाम पर लगाए जा रहे हैं खतरनाक तार

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि किसान अपनी फसलों को आवारा पशुओं और जंगली सूअरों के नुकसान से बचाने के लिए खेतों की फेंसिंग में अवैध रूप से करंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। गौसेवकों का आरोप है कि इस प्रकार की लापरवाही से आए दिन बेकसूर मवेशी अपनी जान गंवा रहे हैं।

इस घटना के विरोध में तिंदौली हल्का क्षेत्र के किसानों और गौसेवकों में भारी रोष व्याप्त हो गया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जो लगभग दो घंटे तक जारी रहा।

प्रशासन से की गई प्रभावी रोक लगाने की मांग

प्रदर्शन कर रहे गौसेवकों ने स्पष्ट रूप से मांग उठाई है कि खेतों की बाड़ में बिजली का करंट छोड़ने की इस खतरनाक प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।