ग्वालियर-चंबल अंचल के मुरैना शहर में प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की बड़ी लापरवाही एक मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत सड़क किनारे रखे सीवर लाइन के भारी-भरकम पाइप की चपेट में आने से चार साल की बच्ची की मौत हो गई।

घर के बाहर खेल रही थी मासूम

यह दुखद घटना सोमवार सुबह की है। मृतका की पहचान अंशु वाल्मीक के रूप में हुई है, जो धर्मेंद्र वाल्मीक की पुत्री थी। परिवार के लोगों के मुताबिक, अंशु सोमवार की सुबह अपने घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान वहां रखा सीवर लाइन का भारी पाइप अचानक लुढ़क गया और उसकी आगोश में बच्ची आ गई।

पाइप के नीचे दबने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोगों ने फौरन राहत और बचाव का प्रयास किया तथा पाइप को हटाकर बच्ची को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

ठेकेदार की अनदेखी बनी जानलेवा

इस हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मृतका के चाचा विजय वाल्मीक ने बताया कि सीवर लाइन का यह सीमेंटेड पाइप काफी समय से सड़क के किनारे बेतरतीब और असुरक्षित तरीके से डाला गया था।

परिवार का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों से इस पाइप को यहां से हटाने का आग्रह किया था। इसके बावजूद ठेकेदार ने इस मामले में पूरी तरह अनदेखी बरती और सड़क किनारे रखे खतरनाक पाइप को नहीं हटाया गया।

परिजनो का कहना है कि इस स्थान पर आए दिन छोटे बच्चे खेलते रहते हैं। यदि समय रहते ठेकेदार द्वारा चेतावनी को गंभीरता से लिया जाता और पाइप को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाता, तो आज यह मासूम दुनिया से नहीं जाती।