मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेवदा गांव के आशाराम का पुरा इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर रविवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यहां दो पक्षों के आमने-सामने आने के बाद जमकर विवाद हुआ, जिसमें लाठी और सरियों से लैस होकर आए लोगों ने एक परिवार पर हमला बोल दिया।
ट्रक चलाने की बात को लेकर उपजा था पुराना विवाद
सामने आई जानकारी के अनुसार, आशाराम गुर्जर पेशे से ट्रक ड्राइवर है। कुछ दिन पहले ट्रक संचालन को लेकर उसका अपने पड़ोसी राजेंद्र गुर्जर के साथ किसी बात पर झगड़ा हो गया था। इसी पुराने विवाद के कारण दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव चल रहा था, जो बाद में बड़ी रंजिश में बदल गया।
आरोप है कि इसी पुरानी खुन्नस के चलते राजेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सत्तो और एक अन्य व्यक्ति हाथों में लाठी और सरिए लेकर आशाराम के घर जा पहुंचे। घटना के वक्त मुन्नी बाई मकान के मुख्य दरवाजे पर ही बैठी हुई थीं, तभी आरोपियों ने बिना किसी बातचीत के उन पर हमला कर दिया।
बचाने आए अन्य परिजनों को भी बेरहमी से पीटा
मुन्नी बाई की चीख-पुकार सुनकर कमलेश बाई, गिर्राज और योगेंद्र सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्य उन्हें बचाने के लिए तुरंत बाहर आए। हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी लाठी-सरियों से मारपीट शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस अचानक हुए हिंसक हमले में दो महिलाओं समेत कुल पांच लोग जख्मी हुए हैं। इनमें मुन्नी बाई और कमलेश बाई को ज्यादा गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाने के प्रभारी टीआई उदयभान यादव पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे घटनाक्रम, मारपीट के आरोपों तथा विवाद की असल वजह की गहराई से छानबीन की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!