मुरैना जिले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे युवक नवनीत तोमर को पुलिस-प्रशासन द्वारा जेल भेजे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नवनीत को शुक्रवार देर शाम मेडिकल जांच के नाम पर ले जाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद जोहा ग्रामीण क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।

ग्रामीणों का आक्रोश और धरना प्रदर्शन

शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जोहा रोड पर एकत्रित हुए और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सांसद सिममंगल सिंह तोमर और पुलिस-प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि सार्वजनिक सड़क की मांग करना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह जनहित का मुद्दा है। ग्रामीणों ने नवनीत तोमर को जेल भेजने को जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास बताया।

धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि नवनीत तोमर गांव और आसपास के लोगों की सुविधा के लिए पीपरीपुरा-जौहां-श्यामपुर खुर्द सड़क के निर्माण की मांग कर रहे थे। उनकी मांग पूरी करने के बजाय, उन्हें जेल भेज दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है।

इस बीच, नवनीत तोमर के परिवार पर भी इस घटना का गहरा असर पड़ा है। उनके छह वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार के अन्य सदस्य भी काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि सड़क की मांग करना हर नागरिक का अधिकार है और नवनीत ने कोई कानून नहीं तोड़ा, न ही किसी प्रकार की हिंसा की।

पुलिस की कार्रवाई और आरोप

पुलिस ने शुक्रवार को नवनीत को जेल भेजते समय शांति भंग होने की आशंका जताई थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मेडिकल चेकअप के बहाने ले जाया गया था। चूंकि शनिवार और रविवार को शासकीय अवकाश है, इसलिए नवनीत की सुनवाई अब सोमवार को ही संभव हो पाएगी।

गौरतलब है कि मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा क्षेत्र में पीपरीपुरा-जौहां-श्यामपुर खुर्द सड़क निर्माण की मांग अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। इस आंदोलन को लेकर सांसद सिममंगल सिंह तोमर ने पहले इसे 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दिया था।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नवनीत तोमर के साथ न्याय नहीं हुआ और सड़क निर्माण को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनका आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य ग्रामीण भी भूख हड़ताल पर बैठने से पीछे नहीं हटेंगे।