पोरसा में आयोजित हुआ किसान संघ का विशेष कार्यक्रम

बलराम जयंती के पावन अवसर पर भारतीय किसान संघ की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से अंचल के किसानों के समक्ष आ रही कृषि संबंधी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

आवारा मवेशियों और फसल सुरक्षा पर हुई गंभीर चर्चा

बैठक के दौरान किसानों ने आवारा पशुओं की वजह से फसलों को रोजाना पहुंच रहे भारी नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर सभा में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों के साथ विचार-विमर्श किया और इस समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया।

तहसीलदार विश्राम सिंह बघेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि गांव के लोग आपसी सहयोग से समितियां बनाकर निजी और सामूहिक गोशालाओं का संचालन करें, तो प्रशासन इस कार्य में हरसंभव सहायता प्रदान करेगा।

जैविक खाद और गोशाला की आय का सदुपयोग

चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि रासायनिक खादों के विकल्प के रूप में जैविक खेती और गोबर की खाद अपनाने की सलाह दी जाती है, परंतु घर पर पर्याप्त पशुधन न होने के कारण कई अन्नदाता जैविक खाद तैयार करने में असमर्थ रहते हैं।

इस कठिनाई का समाधान बताते हुए तहसीलदार बघेल ने कहा कि सामूहिक गोशालाओं के माध्यम से आसानी से गोबर की खाद तैयार करके किसानों को उपलब्ध कराई जा सकती है।

गोशाला से जुड़े क्षेत्रों में खेती, पौधारोपण और अन्य गतिविधियों से होने वाली आय का उपयोग गोशाला के रख-रखाव के साथ-साथ गांवों की स्वच्छता, स्कूलों, आंगनवाड़ियों और अन्य सामुदायिक विकास कार्यों में किया जा सकेगा।