मध्य प्रदेश शासन की हिदायतों के बाद मुरैना जिले के अंबाह तहसील प्रशासन ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा जमाने वाले भूमाफिया और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन ने एक सख्त और व्यापक रणनीति तैयार की है, ताकि क्षेत्र में शासकीय संपत्तियों को सुरक्षित किया जा सके।

पांच सूत्रीय रणनीति के तहत होगी सख्त कार्रवाई

अंबाह के तहसीलदार नरेश शर्मा द्वारा तैयार की गई इस कार्ययोजना के तहत अतिक्रमणकारियों पर आर्थिक दंड के साथ-साथ प्रशासनिक व कानूनी शिकंजा भी कसा जाएगा। इसके अंतर्गत तहसील क्षेत्र के सभी पटवारियों को अपने-अपने हलकों में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को चिन्हित करने के सख्त निर्देश दिए जा चुके हैं।

एक लाख रुपए जुर्माना और कुर्की की कार्रवाई

नियमों के विरुद्ध शासकीय जमीन पर कब्जा करने वालों पर प्रशासन की ओर से एक लाख रुपए तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई आरोपी इस जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसकी संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा, कब्जे को लेकर यदि किसी प्रकार का विवाद या शांति भंग होने की आशंका बनती है, तो पुलिस के माध्यम से बाउंड ओवर की कार्रवाई भी की जाएगी।

शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने और चुनाव लड़ने पर रोक का प्रस्ताव

तहसीलदार कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, अंबाह क्षेत्र में इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई पहली बार की जा रही है। प्रशासन अतिक्रमणकारियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के लिए कलेक्टर मुरैना को आधिकारिक प्रतिवेदन भेजेगा। साथ ही, आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में ऐसे लोगों को पंच, सरपंच या जनपद सदस्य जैसे पदों के लिए अयोग्य घोषित करने हेतु जिला निर्वाचन अधिकारी को भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बाद भी यदि संबंधित व्यक्ति खुद अवैध कब्जा नहीं हटाता है, तो अमला बलपूर्वक अतिक्रमण हटाएगा। इस पूरी मुहिम का मुख्य उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराना और भविष्य के लिए कड़ा संदेश देना है।