रानी तालाब पर उमड़ रही है तर्पण करने वालों की भीड़

अंचल के सबलगढ़ स्थित ऐतिहासिक रानी तालाब पर इन दिनों पितरों को तर्पण अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक पहुंच रहे हैं। व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि तर्पण के लिए पहुंचने वाले लोगों को फिसलन भरे किनारों और बिना सीढ़ियों वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है।

बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की जान पर मंडरा रहा खतरा

स्थानीय निवासी जगदीश प्रसाद गुप्ता ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि शहर के लगभग दो हजार परिवारों के मुखिया तर्पण कर्म के लिए इस तालाब पर आते हैं। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें घाट के अभाव में सीधे गहरे पानी में उतरना पड़ता है। आगामी अमावस्या पर भीड़ में और अधिक इजाफा होने की संभावना है, जिससे यहां दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

एक करोड़ की लागत से हुए सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल

प्रशासन द्वारा इस तालाब के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों पर करीब एक करोड़ एक लाख रुपये की राशि मंजूर की गई थी। इस योजना के तहत अटल मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024 में काम शुरू हुआ था। ठेकेदार राकेश शर्मा के अनुसार, परियोजना के तहत तालाब के चारों ओर रास्ता, प्रकाश व्यवस्था और पांच घाटों का निर्माण कराया गया है। हालांकि, जल स्तर अधिक होने या निर्माण के नीचे चले जाने के कारण ये घाट नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे लोगों को इनकी कमी महसूस हो रही है।

अधूरे पड़े कार्यों और भुगतान का विवाद

ठेकेदार पक्ष का यह भी कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होने और पिछले बिलों का भुगतान लंबित होने के कारण वर्तमान में निर्माण कार्य बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद धरातल पर जनता को कोई राहत नहीं मिल पाई है और उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर धार्मिक अनुष्ठान करने पड़ रहे हैं।

प्रशासन ने जल्द निरीक्षण कर व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा

इस गंभीर मामले पर नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) सौरव जैतवार ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि वह निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कराने के लिए ठेकेदार से चर्चा करेंगे। वहीं, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) रामनिवास सिकरवार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही रानी तालाब और अन्य सार्वजनिक स्थलों का मैदानी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।