मुरैना जिले के पहाड़गढ़ थाना इलाके में स्थित कन्हार वन चौकी पर दबंगई का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां लगभग दस लोगों पर वन अपराध के मामलों में पूर्व से जब्त की गई सामग्री को दिनदहाड़े बलपूर्वक छीनकर ले जाने का गंभीर आरोप लगा है।

कार से पहुंचे आरोपी, परिसर में की गई तोड़फोड़ और गाली-गलौज

कन्हार वन चौकी प्रभारी कीर्ति कुमार शांडिल्य द्वारा पहाड़गढ़ थाने में दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, बीती 3 अक्टूबर को शाम करीब चार बजे एक सफेद रंग की कार (क्रमांक RJ 50 CA 4027) से कुछ लोग सीधे वन चौकी के भीतर दाखिल हुए। शिकायत में शैलेंद्र जाटव, नीरज जाटव, नीरज की बहन, संजय जाटव, भरत जाटव और उनकी पत्नी समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है।

चौकी पहुंचते ही इन लोगों ने वनकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और खुलेआम जान से मारने की धमकियां देते हुए शासकीय कामकाज में बाधा उत्पन्न की।

सरकारी राइफलें ले जाने का था प्रयास, ताले ने बचाए हथियार

हंगामा कर रहे आरोपियों में से दो लोग सीधे चौकी के मुख्य कार्यालय के भीतर जा घुसे। वहां रखी शासकीय राइफलों को उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन गनीमत यह रही कि कमरे पर ताला लगा हुआ था, जिसके चलते वे हथियारों को अपने साथ ले जाने में कामयाब नहीं हो सके।

जब्त लकड़ी, लोहे के पहिए और जुआ ले उड़े आरोपी

जब कार्यालय से हथियार नहीं मिल पाए, तो आरोपियों ने वन अधिनियम के तहत विभिन्न मामलों में जब्त की गई अन्य सामग्री को निशाना बनाया। वे अपने साथ एक बोटा काष्ठ, छह लोहे के पहिए और बैलगाड़ी का लकड़ी का जुआ उठाकर ले गए।

मौके पर मौजूद वनकर्मियों सुनील त्यागी, दिनेश कुमार और भानुप्रताप सिंह ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन दबंगों ने उनकी एक नहीं सुनी।

झूठे मामलों में फंसाने की धमकी और पुलिस कार्रवाई

विरोध करने पर वनकर्मियों को एससी-एसटी एक्ट के झूठे मामलों में उलझा देने और नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकियां दी गईं। घटना के बाद से वन विभाग के कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।

वन अधिकारियों की शिकायत पर पहाड़गढ़ थाना पुलिस ने सरकारी कामकाज में रुकावट डालने, संपत्ति लूटने और धमकियां देने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।