सबलगढ़ सिविल अस्पताल में आखिरकार दो नए डॉक्टरों की नियुक्ति हो गई है। डॉ. संदीप भदौरिया और डॉ. सोनू शर्मा ने सोमवार को अस्पताल पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। इन नए डॉक्टरों के आने से अस्पताल की ओपीडी सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। साथ ही, एक बड़ी राहत की बात यह है कि चार महीने से बंद पड़ा ओपीडी चेंबर नंबर-2 भी अब फिर से मरीजों के लिए खोल दिया गया है।
चार महीने बाद खुला डॉक्टर चेंबर
आपको बता दें कि डॉ. डी.के. मीणा के स्थानांतरण के बाद से ओपीडी चेंबर नंबर-2 खाली पड़ा हुआ था। इस जगह का इस्तेमाल पिछले कुछ समय से अस्थायी स्टोर के तौर पर किया जा रहा था। इस दौरान, अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के माध्यम से ही मरीजों का इलाज किया जा रहा था। अब नए डॉक्टरों के आने से यह व्यवस्था फिर से सामान्य होने लगी है और मरीजों को बेहतर सुविधा मिलने की आशा है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती
हालांकि, नए डॉक्टरों के आने से कुछ राहत मिली है, लेकिन सबलगढ़ सिविल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी अभी भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अस्पताल में हर दिन औसतन 500 से अधिक मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें सबसे ज्यादा मरीज मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक विभाग से संबंधित होते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता के कारण, दुर्घटना या गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अक्सर इलाज के बजाय रेफर करना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शासन से की गई विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग
इस संबंध में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीबीएमओ) डॉ. आर.एन. शर्मा ने बताया कि अस्पताल के लिए एमडी मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के पदों को भरने के लिए शासन से लगातार मांग की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति हो जाती है, तो मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाला उपचार उपलब्ध हो सकेगा और उन्हें इलाज के लिए अन्यत्र नहीं भटकना पड़ेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!