मध्य प्रदेश के सबलगढ़ शहर में प्रस्तावित गीता भवन का निर्माण कार्य फिलहाल जमीन की अनुपलब्धता के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस संबंध में नगर पालिका परिषद ने स्थानीय तहसील प्रशासन को पत्र भेजकर उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित करने की मांग की है, ताकि आगे की प्रक्रिया को गति दी जा सके।
शहर के केंद्रीय हिस्से में बनना है गीता भवन
नगर पालिका के सब इंजीनियर संदीप त्यागी ने जानकारी देते हुए बताया कि गीता भवन का निर्माण शहर के बीचों-बीच किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए भोपाल स्तर से करीब चार-पांच महीने पहले ही निर्देश प्राप्त हो गए थे, परंतु अब तक जमीन तय न होने के कारण इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने का काम भी अटका हुआ है।
डिजिटल लाइब्रेरी और रीडिंग हॉल की मिलेगी सुविधा
प्रस्तावित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र में पाठकों के लिए आधुनिक सुविधाएं जुटाई जाएंगी। योजना के तहत यहां 20 सीटों की क्षमता वाला एक रीडिंग हॉल और डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी। इस लाइब्रेरी में अध्यात्म, भारतीय संस्कृति, योग और दर्शन से संबंधित लगभग 500 पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
पुस्तकों के अलावा इस भवन में ई-बुक्स, ऑनलाइन कोर्सेज और ऑडियो-वीडियो लेक्चर्स की सुविधा भी शुरू करने की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे युवा पीढ़ी और आम नागरिक आसानी से लाभान्वित हो सकें।
भूमि आवंटन के बाद भेजी जाएगी डीपीआर
नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार, जमीन आवंटन सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार और पटवारी से संपर्क साधा गया है। जमीन तय होने के बाद उसका सर्वे नंबर आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, जिसके उपरांत जिला कलेक्टर के माध्यम से भूमि आवंटन की औपचारिक कार्रवाई पूरी होगी।
भूमि मिलने के तुरंत बाद डीपीआर तैयार कर निर्माण राशि की स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारा जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!