मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में नगर पालिका की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी सिलसिले में कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सांसद शिवमंगल सिंह से मिलने पहुंचा। इस मुलाकात के बाद से स्थानीय राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

गुरुवार रात रिसॉर्ट में हुई थी बैठक

यह बैठक गुरुवार देर रात एक स्थानीय कलंगी रिसॉर्ट में आयोजित की गई थी। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस मुलाकात के कुछ फोटो और वीडियो सामने आए, जिनमें से कुछ पार्षदों को भारतीय जनता पार्टी का गमछा पहने हुए देखा गया। इन दृश्यों के सामने आने के बाद से पार्षदों के पाला बदलने और दल-बदल की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।

अविश्वास प्रस्ताव और धरने का रहा है पुराना घटनाक्रम

इससे पहले इन पार्षदों ने बीते वर्ष 17 दिसंबर को नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। इस कानूनी मामले में उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को आठ हफ्ते का समय दिया था। इसके अलावा, नगर पालिका परिसर में पिछले 104 दिनों से चल रहा धरना प्रदर्शन भी हाल ही में समाप्त हुआ है।

सांसद और भाजपा नेताओं की मौजूदगी

बैठक के दौरान सांसद शिवमंगल सिंह और विधानसभा अध्यक्ष ने पहुंचे पार्षदों का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय पार्षद भी वहां मौजूद रहे। सत्तारूढ़ दल के सूत्रों का दावा है कि इस दौरान पार्षदों को पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर सदस्यता दिलाई गई है, हालांकि विपक्षी पार्षदों ने इस दावे पर अलग रुख रखा है।

मुलाकात में शामिल रहे ये पार्षद

सांसद से मिलने वाले पार्षदों में वार्ड 6 से निर्दलीय रचना अशरफ खान, वार्ड 3 से श्रीपति प्रजापति, वार्ड 1 से रामपुर खटीक, वार्ड 10 से निर्दलीय ललिता मनोज प्रताप सिंह जादौन, वार्ड 11 से रामलीला कुशवाह, वार्ड 12 से गुंजल लक्ष्मण जाटव, वार्ड 13 से बिमला राजाराम जाटव, वार्ड 14 से जनक श्री सुरेश कुशवाह, वार्ड 15 से शीला रामकुमार श्रीवास और वार्ड 18 से निर्दलीय राकेश शिवहरे शामिल थे।

इन सभी पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने या अपनी मूल पार्टी से इस्तीफा देने की खबरों का खंडन किया है। उनका स्पष्ट कहना है कि वे नगर पालिका अध्यक्ष के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अपने पुराने रुख पर पूरी तरह कायम हैं। बैठक के अंत में सभी पक्षों ने क्षेत्र की जनसमस्याओं को दूर करने और व्यवस्थाएं सुधारने का आश्वासन दिया है।