ग्वालियर-चंबल अंचल के सबलगढ़ सिविल अस्पताल में उस वक्त प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया जब स्थानीय विधायक ने अचानक वहां का दौरा कर डाला। मरीजों को फल वितरित करने पहुंचीं विधायक सरला रावत ने अस्पताल के भीतर पसरी गंदगी और तमाम कमियों को अपनी आंखों से देखा, जिसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

वार्डों में मिली भारी गंदगी और चादरों की गैरमौजूदगी

विधायक ने जब सामान्य वार्ड का रुख किया तो वहां प्रसूता महिलाएं भर्ती थीं। पलंगों पर साफ चादरें तक नहीं बिछी हुई थीं और चारों तरफ कचरादान ओवरफ्लो नजर आए। वार्डों से लगातार दुर्गंध आने और परिसर के बाहर कचरे के ढेर लगे होने पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा शौचालय भी बदहाल स्थिति में पाए गए।

थूकने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना, एंबुलेंस को लेकर भी शिकायत

अस्पताल की दीवारों पर गुटखा और पान मसाला थूकने के गंदे निशान साफ दिखाई दे रहे थे। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए गए कि अब अस्पताल परिसर की दीवारों को गंदा करने वालों से 1100 रुपए का जुर्माना वसूला जाए। निरीक्षण के दौरान एक महिला मरीज ने यह शिकायत भी दर्ज कराई कि प्रसव के बाद घर लौटने के लिए समय पर एंबुलेंस वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता है, जिस पर विधायक ने तत्काल वाहन की व्यवस्था कर महिला को घर भिजवाने के निर्देश दिए।

महिला डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठा और दिए अल्टीमेटम

दौरे के दौरान डॉ. रेखा रानी गोयल और अन्य महिला मरीजों से संवाद कर उनकी परेशानियां समझी गईं। साथ ही अस्पताल में महिला डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता न होने का मामला भी उठाया गया और शासन स्तर से भेजी गई मेडिकल टीम को लेकर चर्चा की गई।

इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीएमएचओ डॉ. आरएन शर्मा और सीबीएमओ को एक सप्ताह के भीतर सभी व्यवस्थाएं पटري पर लाने का अल्टीमेटम दिया गया है। चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में सुधार न दिखने पर अगली बार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर वरिष्ठ नेता राजेंद्र मरैया और नगर मंडल अध्यक्ष बसंत बंसल समेत कई स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।