अंबाह थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई, जिसके बाद मृतका के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई।
एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे पीड़ित पिता
मंगलवार को एसपी धर्मराज मीना की जनसुनवाई में मृतका के पिता मीनेन्द्र उर्फ भूरे चौहान ने अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दामाद नितिन उर्फ मंटोले सेंगर और समधी ने मिलकर सिलबट्टे से पीट-पीटकर उनकी बेटी निधि सेंगर की जान ले ली। पिता का कहना था कि घटना के बाद से स्थानीय थाने में सुनवाई नहीं हो रही थी और वे पिछले एक हफ्ते से लगातार चक्कर काट रहे थे।
वर्ष 2023 में हुई थी शादी और लगातार जारी थी मांग
मीनेन्द्र उर्फ भूरे चौहान ने जानकारी दी कि उन्होंने अपनी बेटी निधि का विवाह वर्ष 2023 में किशुनपुरा निवासी नितिन उर्फ मंटोले सेंगर के साथ किया था। विवाह में उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार उपहार और दान-दहेज दिया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग इससे संतुष्ट नहीं थे और अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर निधि को परेशान करते थे।
पिता ने बताया कि 12 मार्च 2025 को निधि ने एक पुत्री को जन्म दिया था। इस खुशी के मौके पर उन्होंने ससुराल पक्ष को एक भैंस भी भेंट की थी, परंतु इसके बावजूद प्रताड़ना का सिलसिला थमा नहीं।
पंचायतों के बाद भी नहीं सुधरे हालात
परिजनों के अनुसार, इसी वर्ष फरवरी माह में दहेज की मांग को लेकर निधि के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद पति उसे मायके छोड़ गया था। बाद में दोनों पक्षों की मौजूदगी में पंचायत हुई, जिसमें राजीनामा होने के बाद पति उसे वापस ससुराल ले गया था।
पिता का यह भी आरोप है कि गत 21 सितंबर को दामाद निधि को ठीक से रखने का भरोसा देकर अपने साथ ले गया था, लेकिन 5 अक्टूबर को उन्हें बेटी की मौत की मनहूस खबर मिली। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।






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बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!