अंबाह में अवकाश के दिन भी जारी रहा कामकाज
अंबाह समेत पूरे संभाग और प्रदेशभर में रविवार के दिन सरकारी और ग्रामीण बैंकों के दरवाजे खुले रखे गए। इस दौरान बैंकों में सामान्य कार्य दिवस की भांति ही तमाम बैंकिंग गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित होती रहीं।
छुट्टी के दिन बैंक खुलने की वजह से स्थानीय ग्राहकों को काफी सुविधा मिली। लोगों ने बैंक पहुंचकर अपने खाते से नकदी जमा करने और निकालने के अलावा चेक क्लियरेंस और ड्राफ्ट बनवाने जैसे जरूरी वित्तीय काम आसानी से पूरे कराए।
क्यों खुला रहा रविवार को बैंक
बीती 26 सितंबर को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंक पहले से ही बंद रहे थे। इसके तुरंत बाद 28 सितंबर से 30 सितंबर तक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित की गई है।
लगातार पांच दिनों तक कामकाज ठप रहने की स्थिति से बचने और ग्राहकों को असुविधा से राहत दिलाने के लिए ही रविवार के दिन बैंकों का संचालन करने का निर्णय लिया गया था, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
नोटबंदी के दौर की आई याद
स्थानीय जानकारों के मुताबिक, इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के ऐतिहासिक दौर के दौरान भी अवकाश के दिनों में बैंक खोले गए थे। उस वक्त 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बदलने व जमा करने के लिए बैंकों के बाहर भारी भीड़ और लंबी कतारें देखने को मिली थीं।
सप्ताह में पांच दिन काम करने की है मुख्य मांग
बैंक यूनियनों द्वारा 28 से 30 सितंबर तक बुलाई गई इस देशव्यापी हड़ताल का मुख्य मुद्दा सप्ताह में केवल पांच दिन कार्य दिवस तय करने की मांग है। बैंक कर्मचारी संघ सभी शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं, इसके साथ ही उनकी कुछ अन्य स्थानीय व विभागीय मांगें भी शामिल हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!