मुरैना जिले के जौरा तहसील अंतर्गत आने वाले परसोटा गांव में शनिवार को मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर जमकर हथियारों से फायरिंग की गई, जिसका खामियाजा एक स्थानीय किसान को भुगतना पड़ा।
तालाब के पास हो रहा था आयोजन
गांव के तालाब के पास आयोजित इस प्रतियोगिता के दौरान कई लोगों ने अपनी लाइसेंसी बंदूकों से निशानेबाजी के नाम पर दनादन गोलियां चलाईं। इसी बीच चली एक आवारा गोली पास ही के बलालपुरा गांव में पहुंची और वहां बंधी हुई एक दुधारू भैंस के जा धंसी। गोली लगते ही मूक जानवर तड़पने लगा और जमीन पर गिर गया।
मायके आई बेटी ने बताई आंखों देखी बात
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पीड़ित किसान सियाराम कुशवाह की बेटी माधुरी ने बताया कि वह रक्षाबंधन के पर्व पर अपने मायके आई हुई थीं। शनिवार शाम करीब चार से पांच बजे के बीच पूरा परिवार घर के बाहर बैठा था और आसपास बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज गूंज उठी।
कुछ ही पलों में भैंस के चिल्लाने की आवाज सुनकर जब परिजनों ने वहां जाकर देखा, तो उसके गले के नीचे गंभीर घाव था और खून बह रहा था। घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं कि अगर यह गोली किसी इंसान को लगती तो बड़ा अनर्थ हो जाता।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी
घटना के तुरंत बाद पशु चिकित्सक को बुलाकर घायल मवेशी का इलाज शुरू कराया गया था, लेकिन गंभीर चोट के चलते रविवार को उसने दम तोड़ दिया। किसान के अनुसार मृत भैंस की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए थी। सोमवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कराई।
इस मामले में निरार थाना पुलिस ने किसान सियाराम कुशवाह की शिकायत पर औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!