माधोगढ़ गांव में पसरा बीमारी का साया
मुरैना जिले के कैलारस ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले माधोगढ़ गांव में पिछले 15 दिनों से वायरल फीवर और डेंगू का प्रकोप बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गांव के लगभग हर घर में लोग बुखार से पीड़ित हैं और कई मरीजों को घरों में ही बिस्तर लगाकर इलाज कराना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से बीमार हैं।
बुखार के चलते दो महिलाओं की मौत
तेज बुखार की चपेट में आने से गांव की दो महिलाओं की मौत होने की बात सामने आई है। मृतकों की पहचान 47 वर्षीय ममता धाकड़ (पत्नी अमन लाल धाकड़) और 41 वर्षीय मनीषा शाक्य (पत्नी सुरेश शाक्य) के रूप में हुई है। कैलारस अस्पताल में इलाज के दौरान इनकी जान गई, हालांकि मौत से पहले इनमें डेंगू की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी।
अस्पताल पहुंचे मरीज और एम्बुलेंस सेवा
ग्रामीण अजय धाकड़ ने बताया कि वर्तमान में भी गांव के भीतर 150 से 200 लोग बीमारी से जूझ रहे हैं। वहीं, 108 एम्बुलेंस के चालक गोविंद जादौन के अनुसार, पिछले तीन दिनों के भीतर वे माधोगढ़ से लगभग 70 मरीजों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचा चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि ब्लॉक और जिला स्तर की विशेष टीमों को गांव में भेजा गया था। स्वास्थ्य टीम ने मौके पर पहुंचकर 70 संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल लिए, जिनकी जांच में 4 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
प्रशासन द्वारा संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए गांव में गंदे पानी के स्रोतों को नष्ट किया जा रहा है और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव (फॉगिंग) कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब हालात पर काबू पाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और स्थिति नियंत्रण में है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!