पारंपरिक उत्सव और नया स्वरूप
विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सबलगढ़ नगर में पारंपरिक पथ संचलन का आयोजन किया गया। आरएसएस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष यह आयोजन एक नए स्वरूप में देखने को मिला, जहां इतिहास में पहली बार अलग-अलग शाखाओं के स्तर पर पथ संचलन निकाले गए।
सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ अनुशासन का सफर
यह अनुशासित संचलन मंगलवार को सुबह ठीक 10:30 बजे नगर के कुल छह अलग-अलग वार्डों से एक साथ आरंभ हुआ। तय मार्ग से होते हुए यह सभी संचलन संबंधित शाखाओं पर पहुंचकर संपन्न हुए। इस दौरान स्वयंसेवकों का अनुशासन और समयबद्धता देखने लायक थी।
संघ के निर्धारित परिधान में सजे स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च किया। संचलन के मार्गों पर स्थानीय नागरिकों ने भी खड़े होकर स्वागत किया और इस भव्य आयोजन के साक्षी बने।
राष्ट्र निर्माण का संदेश और आगे के कार्यक्रम
पथ संचलन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने उपस्थित जनों को देश की प्रगति और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय रूप से जुटने का संदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के बाद से ही हर वर्ष विजयादशमी पर देश भर में इस प्रकार के संचलन आयोजित करने की परंपरा रही है। सबलगढ़ के शहरी इलाके में हुए इस आयोजन के पश्चात अब चंबल अंचल के विभिन्न ग्रामीण मंडलों में भी दशहरे के बाद पथ संचलन निकाले जाने की रूपरेखा तैयार की गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!