मुरैना जिले में चंबल नदी के घाटों से निकलने वाले अवैध रेत उत्खनन और उसके परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में स्थानीय पुलिस महकमे ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत उन तमाम रास्तों को बंद किया जा रहा है जिनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए होता है।
जेसीबी की मदद से खुदवाए गए रास्ते
अभियान के तहत बागचीनी और देवगढ़ थाना क्षेत्र की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने अवैध रेत ढोने वाले वाहनों की आवाजाही के लिए उपयोग किए जाने वाले दो प्रमुख रास्तों को जेसीबी मशीनें मंगवाकर खुदवा दिया, जिससे वहां बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और गाड़ियों का निकलना असंभव हो गया है।
इन मार्गों का उपयोग अक्सर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य भारी वाहनों के जरिए अवैध रूप से रेत ले जाने के लिए किया जाता था। रास्तों के बंद होने से तस्करों की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।
प्राकृतिक संरक्षण और राजस्व बचाने की पहल
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य चंबल अंचल के प्राकृतिक संसाधनों की हिफाजत करना और अवैध खनन के कारण सरकार को हर साल राजस्व के रूप में होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकना है। इसको लेकर सभी संबंधित थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अन्य संवेदनशील मार्गों पर भी होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने स्पष्ट किया है कि जिले के संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार गश्त और निगरानी कर रही है। उन्होंने बताया कि अवैध रेत के परिवहन से जुड़े अन्य रास्तों की भी पहचान की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उन सभी मार्गों को भी इसी प्रकार अवरुद्ध किया जाएगा ताकि अवैध उत्खनन पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!