चंबल नदी के रास्ते होने वाले अवैध रेत के उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार की रात को पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना और वनमंडलाधिकारी (DFO) हरिश्चंद्र बघेल ने जिले के संवेदनशील रेत घाटों और संदिग्ध रास्तों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

प्रमुख घाटों और नाकों का किया दौरा

शीर्ष अधिकारियों के इस औचक निरीक्षण के दौरान सराय का पुरा, मेथाना, महचंदपुर, मृगपुरा, सिकरौदा नहर और वन चौकी जैसे तमाम क्षेत्र शामिल रहे। एसपी और डीएफओ ने इन इलाकों में बनाए गए स्थायी और अस्थायी चेकिंग पॉइंट्स पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा।

निरीक्षण के वक्त अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस और वन कर्मियों की मुस्तैदी को भी जांचा। साथ ही वहां से गुजरने वाले संदेहास्पद वाहनों की चेकिंग प्रक्रिया का प्रत्यक्ष मुआयना किया गया ताकि सुरक्षा में कोई चूक न रह जाए।

वाहन दस्तावेजों की जांच के कड़े निर्देश

पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने मौके पर मौजूद बल को निर्देश दिए कि चंबल क्षेत्र के घाटों से निकलने वाले सभी संभावित मार्गों पर पैनी नजर रखी जाए। रेत ढोने वाले हर वाहन को रोककर उसके कागजात और वैध अनुमति पत्र की ठीक से जांच की जाए। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत आपसी समन्वय के साथ ठोस वैधानिक कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।

रात्रि गश्त कर रहे अमले को यह भी हिदायत दी गई है कि संवेदनशील मार्गों पर लगातार पेट्रोलिंग की जाए और समय-समय पर अचानक वाहनों की जांच हो। अवैध गतिविधियों या संदिग्ध वाहनों की जानकारी मिलने पर फौरन वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने को कहा गया है।

अवैध गतिविधियों पर होगी सख्त कार्रवाई

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि चंबल से जुड़े इलाकों में अवैध रेत का कारोबार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। अवैध काम करने वालों और ऐसे वाहनों की पहचान कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी इसी तरह रात्रि गश्त और चेकिंग का सिलसिला जारी रहेगा तथा संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।