मुरैना के सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा नगर में रविवार को संभाग स्तरीय भारतीय विज्ञान एवं वैदिक गणित मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिलों के लगभग 200 प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान और गणित विषय से जुड़े विभिन्न आकर्षक मॉडल और प्रस्तुतियां मंच पर रखीं।

मानव कल्याण के लिए हो विज्ञान का उपयोग: डॉ. योगेंद्र मावई

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. योगेंद्र मावई ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान दौर पूरी तरह विज्ञान को समर्पित है। विज्ञान की आधुनिक खोजों और चमत्कारों ने आम इंसान के दैनिक जीवन को बेहद आसान, सुगम और आरामदायक बना दिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि विज्ञान मूल रूप से मानवता के लिए एक बड़ा वरदान है।

हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि इसके गलत इस्तेमाल से परमाणु हथियारों जैसे भयानक और विनाशकारी परिणाम भी पैदा हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि विज्ञान का प्रयोग हमेशा मानव कल्याण के कार्यों के लिए ही किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे मेलों के जरिए प्राचीन भारतीय विज्ञान पद्धतियों को आज के शोध के साथ जोड़कर बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया जाता है।

नवाचार से ही संभव है विकसित भारत का सपना

डॉ. मावई ने आगे कहा कि देश में नए नवाचारों और आधुनिक प्रयोगों को अपनाकर ही 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरी तरह साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम में मौजूद अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक संदीप मिश्रा ने वैदिक गणित के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।

संदीप मिश्रा ने बताया कि वैदिक गणित गणना करने की एक अत्यंत तीव्र और प्रभावशाली पद्धति है। स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ ने वेदों में वर्णित 16 सूत्रों और 13 उपसूत्रों को आधार बनाकर इस गणितीय प्रणाली को विकसित किया था। इस पद्धति के उपयोग से जटिल गणनाएं बहुत आसान हो जाती हैं और विद्यार्थियों के मन से गणित का पुराना डर भी काफी हद तक कम हो जाता है।

गणित मेले में अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

संभाग स्तरीय इस आयोजन के दौरान मंच पर सुनील दीक्षित और अंजू शर्मा विशेष रूप से आसीन रहे। कार्यक्रम के दौरान पधारे सभी अतिथियों का औपचारिक परिचय रवि उप्रेती द्वारा कराया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विनीत दीक्षित, प्रमोद शर्मा, सुधा तोमर और दिलीप शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस पूरे संभाग स्तरीय विज्ञान और वैदिक गणित मेले का संचालन संदीप तोमर द्वारा किया गया।