आगामी त्योहारों के मद्देनजर सबलगढ़ में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में स्थानीय पुलिस बल द्वारा शहर के मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च निकाला गया, ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।

संवेदनशील इलाकों में निकाला गया फ्लैग मार्च

रविवार की शाम करीब 7:30 बजे एसडीओपी रोशनी कुर्मी और थाना प्रभारी के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च शुरू हुआ। पुलिस का यह दल एमएस रोड, राम मंदिर तिराहा, पुरानी सब्जी मंडी तिराहा, खारनाला पुलिया, नया बस स्टैंड, देवी मंदिर और सिविल अस्पताल रोड जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान अधिकारियों ने व्यापारियों और नागरिकों से संवाद कर क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

सीसीटीवी कैमरों के अभाव से बढ़ रही परेशानी

एक तरफ जहां पुलिस सुरक्षा के दावे कर रही है, वहीं धरातल पर कई चुनौतियां भी बनी हुई हैं। सबलगढ़ शहर की सुरक्षा फिलहाल मुख्य रूप से पुलिस गश्त पर ही टिकी हुई है। शहर के मुख्य रास्तों और तिराहों पर सीसीटीवी कैमरे न होने की वजह से हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखना पुलिस के लिए एक कठिन चुनौती बना हुआ है।

इसके अलावा शहर का दायरा पश्चिम दिशा में थाने से 3 किलोमीटर से भी अधिक दूर तक फैल चुका है। बाजारों में लगने वाले जाम के कारण किसी भी आपात स्थिति या वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस वाहन को घटनास्थल तक पहुंचने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लग जाता है।

एक दशक से बंद पड़ी है पुलिस चौकी

क्षेत्र के पुराने बाशिंदों के मुताबिक, थाने से दूरी अधिक होने की वजह से करीब 30 साल पहले राधा कृष्ण धर्मशाला में एक अस्थायी पुलिस चौकी शुरू की गई थी, जहां पुलिसकर्मी तैनात रहते थे। बाद में इसे मंडी संतर नंबर पांच पर भी संचालित किया गया, लेकिन यह चौकी पिछले 10 वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ी है।

हालांकि पुलिस अधीक्षक द्वारा नए बस स्टैंड के पास चौकी शुरू करने के निर्देश पहले दिए जा चुके हैं, लेकिन बल की कमी के चलते यह मामला अटका हुआ है। अब शहर के बढ़ते दायरे और वारदातों की आशंका को देखते हुए सिविल अस्पताल या नए बस स्टैंड के पास एक नई स्थायी चौकी की मांग स्थानीय स्तर पर फिर से उठने लगी है।