ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले नाका गांव में शनिवार की शाम करीब पांच बजे जमीन को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। डेढ़ बीघा जमीन के इस पुराने विवाद ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
सरकारी खलियान की जमीन को लेकर है तकरार
विवाद के केंद्र में गांव की करीब डेढ़ बीघा सरकारी खलियान की जमीन है, जिस पर भुजबल सिंह गुर्जर और मोती सिंह गुर्जर दोनों ही पक्ष अपना मालिकाना हक जता रहे हैं। भुजबल सिंह पक्ष का दावा है कि यह जमीन पिछले करीब 35 वर्षों से उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में रही है।
घटना के दिन जब भुजबल सिंह पक्ष के लोग इसी विवादित स्थल पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पत्थर गिरवा रहे थे, तभी दूसरा पक्ष वहां पहुंच गया। आरोप है कि मोती सिंह गुर्जर, लोकेन्द्र सिंह, जनक सिंह, ब्रजराज सिंह और लल्ला गुर्जर अपने लगभग दो दर्जन साथियों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर मौके पर आ धमके।
कहासुनी के बाद चली गोलियां और बरसे लाठी-डंडे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी कुछ ही मिनटों में गंभीर संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि मौके पर पहुंचे लोगों ने हथियारों से लैस होकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे चले।
इस खूनी संघर्ष के दौरान हुई गोलीबारी और मारपीट में भुजबल सिंह गुर्जर, करतार सिंह गुर्जर तथा तहसीलदार सिंह गुर्जर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के कुछ देर बाद इस हिंसक झड़प का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आई।
पुलिस ने मांगे दस्तावेज, मामला दर्ज
माता बसैया थाने के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर विवेक तोमर ने जानकारी दी है कि विवादित भूमि के मालिकाना हक को सत्यापित करने के लिए दोनों पक्षों से संबंधित दस्तावेज मंगवाए गए हैं। कागजातों की बारीक जांच के बाद ही जमीन की असल स्थिति साफ हो पाएगी।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है तथा जांच के बाद नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!