अंचल के मुरैना जिले से मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सबलगढ़ क्षेत्र की लकेंजरा ग्राम पंचायत में कागजों पर मृत हो चुके लोगों के नाम पर भी मजदूरी का भुगतान निकाले जाने की बात प्रकाश में आई है।
मृत महिला के नाम पर डेढ़ साल तक होता रहा भुगतान
सामने आई जानकारी के अनुसार, पंचायत क्षेत्र में कई ऐसे लोगों के जॉब कार्ड चालू रखे गए जिनकी मौत बहुत पहले हो चुकी थी। इस प्रकार के मामलों में स्वर्गीय मंजू प्रजापति, जो मुनेश की पत्नी थीं, उनका नाम भी शामिल है। मंजू प्रजापति का निधन अप्रैल 2024 में हो चुका था, इसके बावजूद पंचायत के रिकॉर्ड में उनके नाम पर नवंबर और दिसंबर 2025 तक लगातार मजदूरी का भुगतान दर्ज किया गया।
वित्तीय अनियमितताओं के इस मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि योजना के तहत काम करने के लिए नियमानुसार पात्र न होने वाले नाबालिगों की उम्र बढ़ाकर उन्हें भी फर्जी तौर पर दस्तावेजों में दर्ज किया गया है।
जिम्मेदारों की सफाई और तर्क
जब इस पूरे फर्जीवाड़े को लेकर पंचायत के नुमाइंदों से बात की गई, तो पंचायत सचिव जगदीश ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वे इस पद पर मात्र छह महीने पहले ही आए हैं। उनके अनुसार यह संभव है कि इस तरह की गड़बड़ी उनके आने से पहले पुराने सचिव के कार्यकाल में हुई हो। दूसरी ओर, पंचायत सरपंच ने इस मामले में इसे महज गलती से डिमांड चढ़ाया जाना बताया है।
जनपद सीईओ ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
लकेंजरा ग्राम पंचायत में मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी तरीके से मजدूरी दर्शाए जाने और राशि का आहरण करने का यह मामला जब जनपद पंचायत तक पहुंचा, तो प्रशासनिक अमला हरकत में आया। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ललित चौधरी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच कराने का आश्वासन दिया है।
सीईओ ललित चौधरी ने मीडिया को बताया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों के आधार पर लकेंजरा पंचायत के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!