खेत पर तार फेंसिंग करने गए थे चाचा-भतीजे
मुरैना जिले के पोरसा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़ी की जोटई में जमीन के विवाद को लेकर खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। यहां 30 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे अंशुल सिंह तोमर अपने चाचा मुनेश सिंह तोमर के साथ अपने खेत पर तार फेंसिंग का काम करवाने पहुंचे थे।
छत से गालियां देकर शुरू किया पथराव
खेत पर जब दोनों काम कर रहे थे, तभी पड़ोस में रहने वाले रामपाल सिंह, बादल सिंह उर्फ कुलदीप और रोहित सिंह अपने घर की छत पर आ गए और अकारण ही गालियां देने लगे। जब फरियादी अंशुल और उसके चाचा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने छत से ताबड़तोड़ ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं। इस दौरान एक ईंट धर्मेंद्र सिंह के सिर पर लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि विवाद के इस उग्र दौर में आरोपियों की तरफ से अवैध कट्टे से फायरिंग भी की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
कई धाराओं में मामला दर्ज, एक आरोपी गिरफ्तार
घटना के तुरंत बाद पीड़ित की शिकायत पर पोरसा थाने में अपराध क्रमांक 266/26 पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296बी, 351(2), 3(5), 110 और 125 के तहत प्रकरण कायम कर अनुसंधान शुरू किया।
पुलिस टीम ने दबिश देकर ग्राम बड़ी की जोटई निवासी रोहित सिंह तोमर पुत्र रामपाल सिंह तोमर को धर दबोचा। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 315 बोर का एक अवैध देशी कट्टा भी जब्त कर लिया है, जिसके चलते मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 का इजाफा भी किया गया है।
बाकी फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पोरसा टीआई जयदीप भदौरिया ने जानकारी दी है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस प्रकरण में शामिल अन्य फरार आरोपी रामपाल सिंह और बादल सिंह उर्फ कुलदीप की तलाश के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!