गहरे गड्ढों के कारण हादसे का शिकार हो रहे हैं वाहन
पोरसा के जोटई रोड पर स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। यहां निर्माणाधीन नए बाईपास पुल के नीचे पक्की सड़क का निर्माण न होने के कारण बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे बन चुके हैं। यह बदहाल स्थिति इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है।
सड़क की खस्ता हालत के चलते इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। ई-रिक्शा और अन्य छोटे वाहन इन गहरे गड्ढों में फंसकर पलट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दोपहिया वाहन चालक फिसलकर रोजाना चोटिल हो रहे हैं। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने के कारण इनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी असंभव हो जाता है, जिससे खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
उत्तर प्रदेश से जुड़ने वाला है यह अहम मार्ग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल के नीचे से किसी भी प्रकार के वाहन को निकालना बेहद जोखिम भरा हो गया है। संबंधित ठेकेदार द्वारा अभी तक न तो इन खतरनाक गड्ढों में मिट्टी या गिट्टी का भराव कराया गया है और न ही यहां स्थायी सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया है।
आपको बता दें कि जोटई रोड आगे उसैद घाट तक जाती है। उसैद घाट पर पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह महत्वपूर्ण मार्ग सीधे उत्तर प्रदेश राज्य से जुड़ जाएगा, जिससे इस रूट पर आने वाले समय में यातायात का दबाव और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है।
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की त्वरित मांग
क्षेत्रीय निवासी आसिफ खां ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि केवल जोटई रोड ही नहीं, बल्कि पुरानी बाईपास पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनकी वजह से चालकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए व्यापार संघ के अध्यक्ष महावीर जैन ने प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित जिम्मेदारों से पुरजोर मांग की है कि सड़क के इन गड्ढों का अविलंब भराव कराया जाए और यहां जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!