एक हफ्ते से बंद है एक्स-रे सेवा
सबलगढ़ सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को पिछले एक सप्ताह से एक्स-रे जैसी बुनियादी जांच का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां स्थापित 150 एमए की पुरानी मशीन के बार-बार खराब होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। अस्पताल में मशीन बंद रहने के कारण जरूरतमंद मरीजों को मजबूरी में बाहर के निजी सेंटर्स का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें प्रत्येक एक्स-रे के लिए करीब 250 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।
परेशान हो रहे मरीज और तीमारदार
अस्पताल में एमएलसी और अन्य गंभीर मामलों के लिए पहुंचने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी रूपा ने बताया कि वह एमएलसी से जुड़े एक्स-रे के लिए 4 सितंबर से लगातार अस्पताल के चक्कर काट रही हैं, लेकिन हर बार तकनीकी खराबी का हवाला देकर उन्हें बैरंग लौटा दिया जाता है। समय पर रिपोर्ट न मिलने की वजह से मरीजों के इलाज की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है।
क्षमता से अधिक लोड और पांच साल से लंबित मांग
रेडियोग्राफर पुष्पेंद्र जाटव के अनुसार, अस्पताल में रोजाना 40 से 50 मरीजों का आवागमन होता है, जबकि वर्तमान में मौजूद 150 एमए मशीन की दैनिक क्षमता केवल 15 से 20 एक्स-रे करने की ही है। क्षमता से अधिक लोड पड़ने के चलते यह बार-बार बैठ जाती है। पिछले महीने अगस्त में भी यह मशीन खराब हुई थी, जिसे ठीक करने के लिए दिल्ली से विशेष तकनीशियन बुलाए गए थे, लेकिन मरम्मत के कुछ ही दिनों बाद यह फिर से बंद हो गई।
स्थिति यह है कि सबलगढ़ की मशीन खराब होने पर कैलारस से वैकल्पिक तौर पर मंगाई गई मशीन भी सुचारू नहीं रह सकी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 300 एमए की बड़ी एक्स-रे मशीन की दरकार है, जिसकी डिमांड पिछले पांच वर्षों से लगातार शासन को भेजी जा रही है, लेकिन अब तक नई मशीन मुहैया नहीं कराई गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!