मुरैना जिले में अवैध मदिरा कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियानों के क्रम में स्थानीय पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। रिठौराकलां थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना और सर्चिंग के दौरान जंगल में चल रहे अवैध शराब बनाने के कारखाने का भंडाफोड़ किया है।
पहाड़ और ताल के पास चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस टीम को यह कार्रवाई 15 सितंबर मंगलवार को ग्राम टीकरी के सामने स्थित पहाड़ी क्षेत्र में ताल की पार के पास करनी पड़ी। यहाँ घने जंगल के भीतर कुछ लोग अवैध रूप से भट्ठी संचालित कर कच्ची शराब तैयार कर रहे थे।
जब पुलिस बल ने इलाके में घेराबंदी की, तो वहाँ मौजूद लोगों ने भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिसर्किमयों ने तत्परता दिखाते हुए भाग रहे दोनों संदेहियों को मौके पर ही दबोच लिया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान नरेन्द्र उर्फ भोला गुर्जर और हरिचरन आदिवासी के रूप में की गई है।
केन में भरी थी अमानक और खतरनाक शराब
मौके पर की गई तलाशी के दौरान पुलिस को दो प्लास्टिक की केन बरामद हुईं, जिनमें से प्रत्येक में 35-35 लीटर कच्ची शराब भरी हुई थी। इनमें एक केन नीले रंग की और दूसरी काले रंग की थी। इसके साथ ही शराब निर्माण में प्रयुक्त होने वाले उपकरण और भट्ठी का पूरा सामान भी मिला।
कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुँचे आबकारी विभाग के अधिकारी ने जब्त की गई शराब की गुणवत्ता की जाँच की। भौतिक परीक्षण में यह बात सामने आई कि यह शराब पूरी तरह से अमानक और जहरीली थी, जिसका सेवन करने वालों के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता था।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मौके से कुल 70 लीटर अवैध शराब और अन्य सामग्री जब्त की है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 75 हजार रुपए आँकी गई है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को थाने लाया गया।
रिठौराकलां थाने में दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 106/26 के तहत आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 49(ए) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ कर रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!