मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के चलते किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। खेतों में पानी भर जाने की वजह से तिली, बाजरा और अन्य प्रमुख खरीफ फसलों को भारी क्षति पहुंची है, जिससे अन्नदाता आर्थिक संकट में घिर गए हैं।
कई गांवों में जलभराव से फसलें डूबीं
किसान संगठनों से मिली जानकारी के अनुसार, पिपरघान राजा से नहर के रास्ते झुंडपुरा और सिंहपुर तक के तमाम इलाकों में फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो चुकी हैं। इसके अलावा कैलारस क्षेत्र के निरारा, बीरमपुर, खुमान का पूरा, लीलैर का पूरा, रिझोंनी और डोंगरपुर जैसे गांवों में भी किसानों को फसलों के बड़े नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
किसान नेताओं ने किया दौरा और सौंपा ज्ञापन
हालात का जायजा लेने के लिए मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने जमीनी स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, गया राम सिंह धाकड़, जिला समिति सदस्य आदिराम आर्य, जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास और नरेश गोस्वामी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
दौरे के उपरांत किसान सभा की जिला समिति ने स्थानीय प्रशासन को औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्र में हुए फसल नुकसान का अविलंब आकलन कराने और प्रभावित किसानों को उचित आर्थिक राहत दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई गई है।
प्रशासनिक रुख और आगे की चेतावनी
किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द सर्वे कराकर मुआवजा राशि वितरित करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो वे मजबूरन अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे।
इस मामले पर सबलगढ़ की एसडीएम मेघा तिवारी का कहना है कि शासन स्तर से अभी तक फसल सर्वे के संबंध में कोई आधिकारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित खेतों से जमा हुआ पानी बाहर निकालने का काम स्थानीय स्तर पर कराया जा रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!