मुरैना जिले के अंबाह थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले रतन बसई गांव में जमीन के एक मामले को लेकर हुए विवाद में घायल हुए धर्मेंद्र तोमर ने मंगलवार को आगरा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले पांच दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे।
खेत में मुड्डी गाड़ने के विरोध पर हुआ था खूनी हमला
घटना के संबंध में मृतक के भाई सोनू तोमर ने जानकारी दी कि बीती 9 अक्टूबर को गांव के ही पप्पू तोमर, हरिओम तोमर और उनके अन्य साथी जबरन उनके खेत में फेंसिंग के लिए मुड्डी यानी तार के खंभे गाड़ रहे थे। जब धर्मेंद्र ने इसका विरोध जताया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।
परिजनों का आरोप है कि जब धर्मेंद्र को बचाने उनकी पत्नी काजल और बहन सपना आईं, तो आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। आरोप है कि हमलावर पप्पू ने सपना के पेट में बल्ला यानी भाला घोप दिया था, जिससे महिलाएं भी घायल हो गईं।
हत्या की धाराएं जोड़ने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे परिजन
घटना के बाद पुलिस ने शुरुआती तौर पर मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया था। धर्मेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए तथा पोरसा चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। महिलाओं ने सड़क पर बैठकर रास्ता रोक लिया, जिससे चौराहे पर करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही और लंबा जाम लग गया।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों का कहना था कि पुलिस ने अब तक आरोपियों पर हत्या की धाराएं नहीं जोड़ी हैं और न ही अन्य दोषियों के नाम मुकदमे में बढ़ाए गए हैं, जिसके चलते उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा।
एसडीओपी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना
चक्काजाम की सूचना मिलते ही अंबाह एसडीओपी प्रशांत भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों द्वारा एफआईआर में हत्या की धाराएं जोड़ने और जांच के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम शामिल करने का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए। प्रशासन के इस भरोसे के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ और पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति सामान्य हुई।
इसके पश्चात शाम करीब 7 बजे परिजन पोस्टमार्टम हाउस में रखे धर्मेंद्र के शव को अपने पैतृक गांव लेकर रवाना हुए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!