मुरैना जिले के अंबाह कस्बे में गत 13 अक्टूबर को घर में घुसकर गोली मारी गई महिला अर्चना तोमर की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें पहले अंबाह और मुरैना के बाद ग्वालियर रेफर किया गया था, जहां उन्होंने करीब आठ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। इस घटना के बाद से स्थानीय पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
बेटी ने सुनाई आंखों देखी खौफनाक दास्तान
मृतका की बड़ी बेटी साक्षी तोमर ने मीडिया से बातचीत करते हुए वारदात का खौफनाक मंजर बयां किया। साक्षी ने बताया कि वह ट्यूशन से लौटकर अपनी स्कूटी निकाल रही थी, तभी कुछ संदिग्ध लोग घर के अंदर दाखिल हुए। एक युवक गेट पर मुस्तैद रहा जबकि दूसरा अंदर चला गया। अंदर गए युवक ने जब हथियार निकाला तो उसने हाथ-पैर जोड़कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे धक्का देकर गिरा दिया और वह गली में मदद के लिए चिल्लाती रह गई।
साक्षी ने रवि नाम के एक संदिग्ध का जिक्र करते हुए बताया कि उसने इस युवक को पहले भी दो-तीन बार गली में और खजूरी रोड पर देखा था, हालांकि वह उसका पूरा पता नहीं जानती है। वहीं छोटी बेटी दीपाली ने जानकारी दी कि नीली टी-शर्ट पहने हुए वह हमलावर सीधे उस कमरे में जा घुसा जहां उनकी मां बैठी थीं।
शाम के वक्त घर में दिया गया वारदात को अंजाम
यह दुस्साहसिक घटना 13 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे खजूरी रोड स्थित उनके निवास पर हुई। उस समय मृतका अर्चना अपने तीनों बच्चों के साथ कमरे में मौजूद थीं, जबकि उनकी सास पास के दूसरे कमरे में सो रही थीं। घटना के वक्त मुख्य दरवाजे की कुंडी अंदर से खुली हुई थी, जिसका फायदा उठाकर अपराधी आसानी से घर के अंदर घुसे और गोली मारने के बाद गली के रास्ते से फरार हो गए।
सोशल मीडिया रील्स और सीसीटीवी फुटेज पर टिकी नजरें
मृतका अर्चना तोमर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर काफी सक्रिय थीं और अक्सर रील्स बनाती थीं। उनकी कुछ पोस्ट में तीखे तेवर और चुनौतियां नजर आई थीं, जिसमें एक रील में उन्होंने खुद पर गुरूर होने की बात कही थी तो दूसरी रील में बिना बात दखल देने वालों को आमने-सामने मुकाबले की चुनौती दी थी। पुलिस अब इन सोशल मीडिया पोस्ट के साथ-साथ इलाके के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगालने में जुटी है ताकि आरोपियों का कोई ठोस सुराग हाथ लग सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!