मुरैना जिले में खाद की किल्लत और ई-टोकन मिलने में हो रही देरी से परेशान किसानों का आक्रोश सोमवार को सामने आ गया। वीकेंड पर दो दिन अवकाश रहने के बाद जैसे ही सोमवार का दिन आया, किसान अलसुबह ही कृषि उपज मंडी पहुंच गए।
रात दो बजे से कतार में खड़े रहे किसान
स्थिति यह थी कि अपनी फसल के लिए खाद का इतंजाम करने खातिर किसान रात दो से तीन बजे के बीच ही मंडी परिसर पहुंच गए थे। लंबी कतारों में खड़े इन किसानों को उम्मीद थी कि तय समय पर टोकन वितरण शुरू हो जाएगा, लेकिन सुबह तक कोई भी कर्मचारी काउंटर पर नहीं पहुंचा।
व्यवस्था से नाराज किसानों ने बंद किया गेट
घंटों तक भूखे-प्यासे इंतजार करने के बाद जब जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे, तो किसानों का सब्र टूट गया। गुस्से में आए किसानों ने कृषि उपज मंडी का मुख्य गेट बंद कर दिया और मुख्य द्वार के बाहर ही स्थानीय प्रशासन व शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रशासनिक दखल के बाद शुरू हुआ वितरण
हंगामे की सूचना मिलने पर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तुरंत निर्देश जारी किए। इसके पश्चात राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद ई-टोकन का वितरण शुरू कराया गया और किसानों को खाद बांटी गई।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक अवकाश के ड्यूटी पर देरी से पहुंचने वाले लापरवाह कर्मचारियों की जांच की जाएगी। इस पूरे मामले की जांच के निर्देश कृषि विभाग के उप संचालक अनंत सड़गैया को सौंपे गए हैं, और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!