मुरैना जिले के कैलारस स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं एक बार फिर गंभीर लापरवाही के कारण चर्चा में हैं। अस्पताल के प्रसूता कक्ष का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें रात के वक्त पुरुष मरीज या उनके परिजन आराम से सोते नजर आ रहे हैं। इस स्थिति ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रसूता वार्ड में बाहरी लोगों का कब्जा
सामने आए वीडियो के अनुसार, जिस वार्ड में प्रसूता महिलाओं का इलाज और उनकी डिलीवरी होती है, उसी संवेदनशील क्षेत्र में रात के समय कई पुरुष फर्श पर चादरें बिछाकर सोए हुए थे। बताया जा रहा है कि ये लोग प्रसूताओं के लिए आरक्षित बिस्तरों और कक्षों का इस्तेमाल कर रहे थे। महिला वार्ड में इस प्रकार अनधिकृत लोगों की मौजूदगी से वहां भर्ती महिलाओं की निजता और स्वास्थ्य सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
जिम्मेदार अधिकारी का बेपरवाह रवैया
जब इस पूरे मामले पर कैलारस के बीएमओ डॉ. मनीष शर्मा से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उनका रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा। वीडियो और अनियमितताओं को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने उल्टा सवाल किया कि यह फुटेज कहां से मिली। पत्रकार द्वारा स्रोत बताने से मना करने पर उन्होंने दो टूक कहा कि जो छापना हो छाप दो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
अस्पताल की नाइट ड्यूटी और निगरानी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पद्मेश उपाध्याय से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। स्थानीय लोगों और प्रसूता वार्ड में आने वाले मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि रात के समय अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड और चिकित्सा स्टाफ क्या कर रहे थे, जो इतनी बड़ी लापरवाही खुलेआम चल रही है।
चिकित्सा मानकों के अनुसार प्रसूता और लेबर रूम जैसे संवेदनशील परिसरों में बाहरी और अनजान लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों संक्रमण और अन्य खतरों से सुरक्षित रह सकें। लेकिन कैलारस अस्पताल में इन नियमों की धज्जियां उड़ती साफ देखी जा सकती हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!