ग्वालियर-चंबल आंचल के मुरैना जिले से स्थानीय निकाय की गंभीर अनदेखी का मामला प्रकाश में आया है। शहर के वार्ड क्रमांक-22 के अंतर्गत आने वाली सिंघल बस्ती में सड़क के बीचों-बीच एक बड़ा गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा हुआ है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
काम से लौटते समय हुआ हादसा
बीती रात एक श्रमिक अपना दैनिक कार्य समाप्त कर साइकिल के माध्यम से अपने घर की तरफ लौट रहा था। क्षेत्र में हुई बारिश के चलते सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई थी और पानी भर जाने की वजह से मार्ग के बीचों-बीच बने उस खतरनाक गड्ढे का अनुमान लगाना असंभव हो गया था।
जैसे ही मजदूर की साइकिल उस हिस्से से गुजरी, वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे कीचड़ से लथपथ उस गहरे गड्ढे में जा समाया। जलभराव के कारण गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाया और वह उसमें बुरी तरह फंस गया।
सिर तक कीचड़ में धंसा मजदूर
गड्ढे के अंदर पानी और गाढ़े कीचड़ की अधिकता के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई। दुर्घटना इतनी अचानक और खतरनाक थी कि वह व्यक्ति देखते ही देखते सिर तक कीचड़ में धंस गया और खुद को निकालने में असमर्थ नजर आने लगा।
इस बीच वहां से गुजर रहे राहगीरों और आसपास के दुकानदारों या रहवासियों की नजर जब इस हादसे पर पड़ी, तो वे तुरंत मौके की ओर दौड़े। स्थानीय निवासियों ने बिना एक पल गंवाए आपसी सहयोग से उस मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
नगर निगम के प्रति स्थानीय लोगों में रोष
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह गड्ढा सड़क खोदने के बाद से ही यूं ही खुला छोड़ दिया गया है। संबंधित विभाग या ठेकेदार ने इसे ठीक से पाटने की जहमत नहीं उठाई। बारिश के मौसम में इस तरह के गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मौत का बुलावा साबित हो रहे हैं।
गनीमत यह रही कि मौके पर लोगों की मौजूदगी ने समय रहते जान बचा ली, अन्यथा कोई भी अनहोनी घट सकती थी। क्षेत्रवासियों ने अब प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि इस खुले गड्ढे को तत्काल प्रभाव से भरवाया जाए ताकि आगे किसी अन्य नागरिक को इस तरह के खतरे का सामना न करना पड़े।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!