अंबाह जनपद क्षेत्र का मामला

मुरैना जिले के अंबाह में प्रशासनिक स्तर पर एक सख्त कदम उठाया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने वित्तीय गड़बड़ियों के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद ग्राम पंचायत बड़फरा की सरपंच पूनम राठौर को उनके पद से निष्कासित कर दिया है। यह प्रशासनिक आदेश सोमवार की शाम सात बजे जारी किया गया।

इस कार्रवाई से पहले ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सरपंच के पद पर रहते हुए उनके देवर द्वारा पंचायत के कामकाज में अनावश्यक दखल दिया जा रहा है। इसके साथ ही बिना धरातल पर काम किए ही सरकारी राशि के फर्जी आहरण की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

जांच में उजागर हुईं वित्तीय अनियमितताएं

शिकायतों के आधार पर अंबाह जनपद के सीईओ उमेश अवस्थी ने स्वयं पंचायत क्षेत्र का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई निर्माण कार्यों में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां पाई गईं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला पंचायत सीईओ को भेजी गई थी। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर सरपंच को हटाने का निर्णय लिया गया।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में स्वीकृत सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 11.75 लाख रुपये मंजूर हुए थे, जिसमें से पोर्टल पर 4.70 लाख रुपये निकाले जा चुके थे, जबकि मौके पर केवल गड्ढे ही खुदे मिले। इसी तरह चिरपुरा में शांतिधाम निर्माण के लिए स्वीकृत 3.07 लाख रुपये और उप स्वास्थ्य केंद्र से गंगाराम के मकान तक नाला निर्माण के लिए स्वीकृत 4 लाख रुपये बिना काम शुरू किए ही निकाल लिए गए।

तालाब गहरीकरण और अन्य कार्य भी संदेह के घेरे में

बड़फरा में तालाब गहरीकरण के लिए वर्ष 2023-24 में 1.46 लाख रुपये मंजूर किए गए थे। यह काम शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू कराया गया, लेकिन इसकी राशि पहले ही निकाली जा चुकी थी।

इसके अलावा, गंगाराम के मकान से राम भरत प्रजापति के मकान तक नाला निर्माण कार्य (वर्ष 2024-25) के लिए 14.52 लाख रुपये स्वीकृत थे। निरीक्षण के दौरान यह कार्य भी मौके पर शुरू नहीं पाया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि सरकारी धनराशि का आहरण कर उसका दुरुपयोग किया गया है।